नरेंद्र मोदी का गुजरात मॉडल अब केंद्र में भी नजर आने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही दिल्ली से अलग-अलग मंत्रालयों की टीमें गुजरात पहुंच रही हैं।
ये टीम स्टडी टूर के तहत गुजरात का दौरा करने पहुंची है। इस दौरे पर टीम का उद्देश्य मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान शुरू कराए गए प्रोजेक्ट की जानकारी लेने की कोशिश करेगी। जिससे उनकी खूबियों को देशभर में पहुंचाया जा सके।
ऊर्जा मंत्रालय की टीम पहुंची गुजरात
एक जमाने में बिजली की किल्लत से जूझने वाले गुजरात के पास अब सरप्लस बिजली है। आखिर गुजरात ने ये कारनामा कैसे किया, ये जानने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की टीम यहां पहुंची है।
केंद्रीय टीम ये भी जानने की कोशिश करेगी कि कैसे कुछ समय पहले तक 2500 करोड़ का घाटा झेल रहा गुजरात इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड 500 करोड़ के फायदे में आ गया।
केंद्र ऐसा कदम केवल ऊर्जा के क्षेत्र में ही उठाएगा। उसकी योजना कई और क्षेत्रों में गुजरात की कामयाबी को केंद्र में दोहराने की है। इसीलिए दिल्ली पुलिस की एक टीम भी गुजरात के सूरत पहुंची है।
कई और टीमें गुजरात दौरे पर
इसका उद्देश्य सूरत के सीसीटीवी सिक्योरिटी प्रोजेक्ट की जानकारी लेना है। सूरत में चलाया जा रहा ये प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चलाया जा रहा है।
इसके तहत सूरत पुलिस ने सभी अहम सार्वजनिक जगहों पर हाई डेफिनिशन कैमरे लगाए हैं। जिससे ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा सके। इसमें दोषी पाए जाने वालों को सीधे चालान भेजने के लिए पुलिस ने आरटीओ और बैंकों से करार किया है।
इसके अलावा दिल्ली से हाल ही में गई एक टीम ने साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का सर्वे किया। इसका उद्देश्य साबरमती की तर्ज पर दिल्ली में यमुना को साफ करने की योजना बनाई जा रही है।