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भाजपा-शिवसेना गठबंधन में पेंच, कैसे सुलझेगा?

Thu, 18 Sep 2014 12:54 AM IST
सुरेंद्र मिश्र/अमर उजाला, मुंबई
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भाजपा और शिवसेना में सीट बंटवारे को लेकर महाभारत जारी है। दोनों ही दल अलग-अलग बैठक कर गठबंधन टूटने की स्थिति में अपनी ताकत का आकलन कर रहे हैं।
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ऐसे में गठबंधन को बचाने के लिए अन्य घटक दलों ने मोर्चा संभाल लिया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना के साथ कई पार्टियों का महागठबंधन बना था।

इस घटक दल के सदस्य सांसद राजू शेट्टी, आरपीआई के रामदास अठावले, राष्ट्रीय समाज पार्टी के अध्यक्ष महादेव जानकर और शिवसंग्राम के विनायक मेटे ने पहले उद्धव ठाकरे और फिर भाजपा नेताओं के साथ मुलाकात की।

राजू शेट्टी ने गठबंधन जारी रखने के लिए जहां उद्धव ठाकरे को मन बड़ा करने की सलाह दी, वहीं भाजपा नेताओं से भी बीच का रास्ता निकालने की गुजारिश की है।
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अमित शाह के रुख पर निर्भर फैसला

राजू शेट्टी ने कहा कि राज्य में 15 साल से कांग्रेस-एनसीपी का ग्रहण लगा है, जिसे हटाया जा सकता है। महादेव जानकर ने दावा किया कि दो दिन में गठबंधन पर फैसला हो जाएगा।

भाजपा अब भी 135 सीट पर अड़ी है और शिवसेना सहयोगी दलों के लिए 120 से अधिक सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में अब गठबंधन का फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रुख पर निर्भर है।

जारी है दबाव की राजनीति
शिवसेना और भाजपा में तलाक की संभावना के बीच दबाव की राजनीति जारी है। उद्धव ठाकरे ने बुधवार को बांद्रा उपनगर स्थित रंगशारदा में अपने सभी जिला और तालुका प्रमुखों की बैठक कर अकेले दम पर चुनाव की तैयारी का संकेत दिया।

दूसरी तरफ बुधवार शाम चार बजे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मुंबई पहुंच गए। शाह तीन दिवसीय महाराष्ट्र दौरे पर हैं, लेकिन इस दौरान उद्धव ठाकरे से मुलाकात का कोई कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने देर रात तक महाराष्ट्र भाजपा कोर कमेटी की बैठक कर शिवसेना से संबंधों में आई खटास पर गहराई से चर्चा की।
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