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थरूर की मेमन पर सहानुभूति, सरकार को कोसा

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आज यानी गुरुवार को सुबह 7 बजे याकूब मेमन को फांसी के फंदे से लटका दिया गया। जिस तरह से याकूब की फांसी से पहले सियासत गरमाई थी ठीक वैसी ही गरमाहट एक बार फिर से सियासी गलियारे में दिखने लगी है। याकूब को लेकर शशि थरूर ने एक विवादित बयान भी दे डाला है।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने याकूब की फांसी को लेकर एक ऐसा ट्वीट किया है, जिस पर विवाद होना तय है। थरूर ने कहा है कि सरकार ने एक इंसान को फांसी पर लटका दिया है। उन्होंने इस फांसी को राज्य द्वारा प्रायोजित फांसी करार देते हुए कहा है कि ये हमारा स्तर गिराकर हत्यारों की बराबरी तक लाता है।
Saddened by news that our government has hanged a human being. State-sponsored killing diminishes us all by reducing us to murderers too.— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 30, 2015
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थरूर का कहना है कि मेमन को फांसी दिए जाने के कोई भी सबूत सरकार के पास नहीं हैं।
There is no evidence that death penalty serves as a deterrent: to the contrary in fact. All it does is exact retribution: unworthy of a Govt— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 30, 2015

थरूर ने कहा कि हम सभी को आतंकवाद से लड़ना चाहिए, लेकिन कहीं पर भी निर्मम हत्या से आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाई जा सकती है। अपने इस बयान से थरूर ने सीधे तौर पर मेमन को बेकसूर बताते हुए सरकार पर उसकी निर्मम हत्या का आरोप लगाया है।
We must fight against terrorism w/all the means at our command. But cold-blooded execution has never prevented a terror attack anywhere.— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 30, 2015

दिग्विजय का बयान भी विवादित

दिग्विजय सिंह- याकूब मेमन को फांसी लगा दी गई है। सरकार और न्यायपालिका की तरफ से आतंक के आरोपी को सजा देने में जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी और प्रतिबद्धता दिखाई गई है।
Yakub Memon hanged. Exemplary urgency and commitment has been shown by Govt and Judiciary in punishing an accused of Terror .— digvijaya singh (@digvijaya_28) July 30, 2015

दिग्विजय ने यह भी कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार और न्यायपालिका धर्म और जाति से परे रहकर आतंक से जुड़े हर केस में ऐसी ही तत्परता दिखाएगी।
I hope similar commitment of Govt and Judiciary would be shown in all cases of Terror irrespective of their Caste Creed and Religion.— digvijaya singh (@digvijaya_28) July 30, 2015

दिग्विजय बोले कि उन्हें आतंक के अन्य आरोपियों के केस की कार्रवाई को लेकर संदेह है।
I have my doubts the way the cases of other Terror accused are being conducted. Let's see. Credibility of the Govt and Judiciary is at stake— digvijaya singh (@digvijaya_28) July 30, 2015
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क्या कहना है अन्य लोगों का

शाहनावाज हुसैन- भारतीय जनता पार्टी के शाहनावाज हुसैन का कहना है कि इसे नजदीक से देखिए, इंसाफ में देरी हुई है, लेकिन इंसाफ को नकारा नहीं गया।
Law took its course. Justice was delayed but not denied: Shahnawaz Hussain, BJP on #YakubMemon pic.twitter.com/rD4z4Xo4my— ANI (@ANI_news) July 30, 2015


संजय राऊत- संजय ने कहा कि इस फांसी से पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे आतंकवाद को एक संदेश भेजा गया है कि इस तरह की आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Pak operated terrorism has been sent a good message, that such acts of terrorism will not be tolerated: Sanjay Raut pic.twitter.com/0m2evLMY7x— ANI (@ANI_news) July 30, 2015


डी राजा- सीपीआई के नेता डी राजा का कहना है कि अब वह समय आ गया है कि अब फांसी की सजा के प्रावधान को खत्म कर देना चाहिए।
Time has come for India, we should say an emphatic no to capital punishment: D Raja #YakubMemon pic.twitter.com/cKAEEbrBcm— ANI (@ANI_news) July 30, 2015

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