भारत में जल्द ही थाइ मसाज पार्लर और स्पा खुल सकते हैं। भारत सरकार मुक्त व्यापार समझौते के तहत थाइलैंड के साथ मसाज पार्लर और स्पा खोलने के समझौते पर विचार कर रही है।
इसके लिए सरकार ने दोहरी व्यापार नीति अपनाने का फैसला किया है। थाइ मसाज पार्लर्स की तरह थाईलैंड में भारत की ओर से योगा पार्लर्स भी खोले जाएंगे।
हालांकि इस समझौते को अभी भारत सरकार की ओर से मंजूरी नहीं दी गई है। यह मसला वाणिज्य और विदेशी मंत्रालय में अटका हुआ है लेकिन इस पर जल्द ही गतिरोध दूर हो सकता है।
मुक्त व्यापार के अनुसार थाइ मसाज पार्लर्स बिना कोई कर दिए अपना पैसा स्वदेश भेज सकते हैं लेकिन इसके बदले विदेश मंत्रालय थाइलैंड में योगा पार्लर शुरू करने की मांग कर रहा है।
भारत सरकार थाइलैंड और दक्षिण पूर्व एशिया में भारत विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए भी थाइलैंड से सहयोग बढ़ाना चाहता है।
भारत और थाइलैंड के बीच साल 2004 से मुक्त व्यापार को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों देशों ने एक अर्ली हारवेस्ट स्कीम भी शुरू की थी जिसके तह 82 मदों पर कर हटा दिया गया है।
विरोध होने की संभावना
थाइ मसाज पार्लर का विरोध होने की भी संभावना है। इससे अभी यहां चल रहे आयुर्वेद मसाज पार्लर्स की कमाई पर असर पड़ने की आशंका है जिसके चलते सरकार के फैसले का विरोध हो सकता है। साथ ही यह आशंका है कि भारत के योगा पार्लर्स क्या थाइलैंड में सफल हो पाएंगे।
किसी तरह की धोखेबाजी से बचने के लिए सरकार इस पर भी विचार कर रही है कि कुछ ऐसे सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं जिससे केवल वास्तविक थाइ पार्लर ही खुल सकें। इससे पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
सेवा समझौतों का मुद्दा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और थाइलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनवात्रा के बीच भी उठा था। यिंगलुक ने व्यापक मुक्त व्यापार पर जोर दिया था।