गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि आतंकवादी फर्जी कंपनियों के जरिए शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने आतंकवाद के वित्त पोषण पर लगाम कसने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आतंकी संगठनों का वित्त पोषण रोक कर उनसे बखूबी निपटा जा सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उनके वित्तीय संसाधनों की पहचान हो, उनके फर्जी मुद्रा, फर्जी कंपनियों से कारोबार करने पर रोक लगे। उन्होंने कहा कि इसमें इंटरपोल की अहम भूमिका हो सकती है।
पाक में छिपे में हैं मुंबई ब्लास्ट के मास्टरमाइंड
भारत ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान पर फिर हमला बोला है। इटली की यात्रा पर पहुंचे गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि 1993 के मुंबई ब्लास्ट के मास्टरमाइंड अब भी पाकिस्तान की सुरक्षित पनाहगाहों में छिपे हुए हैं।
ठोस सुबूत मुहैया कराने के बावजूद पाकिस्तान ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। मालूम हो कि इन धमाकों में वांछित अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों के पाकिस्तान में होने की बात भारतीय खुफिया एजेंसियां लगातार कहती रही हैं।
रोम में इंटरपोल जनरल असेंबली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि भारत अब भी कई मोर्चों पर आतंकवाद के बड़े खतरे का सामना कर रहा है। खास तौर पर सीमा पार से आतंकवाद का खतरा देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। पाकिस्तान की ओर से इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में आतंकवाद को असरदार कूटनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिंदे ने कहा कि पड़ोसी मुल्क से लगातार वार्ता करने और उसे ठोस सुबूत मुहैया कराने के बावजूद 1993 के मुंबई धमाकों के गुनहगारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इन सीरियल ब्लास्ट को इस सदी के सबसे घृणित कृत्यों में से एक करार देते हुए बताया कि इसमें 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 घायल हो गए थे।
पाकिस्तान का नाम लिए बिना शिंदे ने कहा कि सभी बखूबी जानते हैं कि इस हमले के मास्टरमाइंड पड़ोसी मुल्क में हैं। ये भारतीय नागरिक हैं और इनके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी 1993 से ही लंबित है। शिंदे ने कहा कि आतंकी संगठन दिखा चुके हैं कि साधारण तरीकों और सामान्य हथियारों से ही भारी तबाही मचाई जा सकती है, जैसा कि मुंबई हमले में हुआ।
आतंकी हमलों से जान माल का भयंकर नुकसान हो रहा है। हालांकि भारतीयों ने आतंकवादी गतिविधियों को लेकर धैर्य और साहस का परिचय दिया है। शिंदे ने आतंकवाद पर शिकंजा कसने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की पुरजोर वकालत की भी की। उन्होंने कहा कि चाहे 1993 के मुंबई धमाके हों, चाहे 26/11 का हमला हो या फिर अमेरिका में 9/11 का हमला, इन सभी से साबित हो गया है कि आतंकवाद से निपटने के लिए तमाम देशों को सहयोग करने की जरूरत है।
इंटरपोल के नोटिस
आतंकियों के खिलाफ अकेले भारत की ओर से जारी कराए गए 138 रेड कॉर्नर नोटिस पेंडिंग हैं। ये आतंकी विदेशी मुल्कों में छिपे हैं। वैसे भारत ने कुल 670 इंटरपोल नोटिस जारी करा रखे हैं, जिनमें 577 रेड नोटिस हैं।