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आतंकी नावेद ने लश्कर को लेकर खोले बड़े-बड़े राज

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उधमपुर के आतंकी हमले को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी फिदाइन नावेद को ट्रेनिंग के दौरान हिंदुओं से घृणा करने का पाठ पढ़ाया गया था।
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नावेद ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को पूछताछ में बताया है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा की जम्मू-कश्मीर और पंजाब के हिंदू इलाकों में हमले को लंबी योजना है।

इस काम की जिम्मेदारी जिन पाकिस्तानी लड़कों को दी गई है उन्हें हिंदुओं के बारे में ऐसी बातें बताई जातीं जिससे उनके दिमाग के नफरत पैदा हो।एनआईए नावेद की कही हुई बातों की तस्दीक के लिए उसका लाई डिटेक्टर टेस्ट करवा रही है।
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कानूनन इसके लिए अदालत से अनुमति ले की गई है। एनआईए सूत्रों ने बताया कि नावेद पूछताछ में लश्कर के बारे में जिस तरह की बातें बता रहा है अगर वह सच है तो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद से निबटने के लिए नई रणनीति बनानी होंगी।
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खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों को बनानी होगी नई रणनीति

सूत्रों के मुताबिक 20 साल का नावेद जब लश्कर के प्रभाव में आ गया तब उसका परिवार उसे वापस ले जाने के लिए हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा से संपर्क करने लगा।

जमात के लोग नावेद के पिता और उसके परिवार वालों को धमकी देकर उसे भूल जाने की सलाह देते। नावेद ने बताया है कि उसके लश्कर के हैंडलर ने उसके पिता से कहा था कि नावेद को भूल जाओ, अब वह लश्कर की जिम्मेदारी है।

नावेद ने एनआईए को यह भी बताया है कि उसे लश्कर ने जम्मू हमले से वापस आने के बाद ढेरों पैसा और नए सिरे से जिंदगी शुरू करने का लालच दिया था।

सूत्रों के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद नावेद को समझ में आ रहा है कि यह लश्कर की उसे सीमा पार भेजने की साजिश थी। उसके हैंडलर को मालूम था कि नावेद हमले के दौरान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का हाथों मारा जाएगा, लेकिन उसके जिंदा पकड़े जाने का बाद हालात बदल गए हैं।

एनआईएस सूत्रों ने बताया कि हो सकता है नावेद जांचकर्ताओं को भ्रमित करने के लिए कहानी गढ़ रहा हो। इसलिए चार्जशीट तैयार करने के पहले लाई डिटेक्टर टेस्ट के जरिए उसकी बातों की तकनीकी तस्दीक की जा रही है।
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