श्रीनगर के बेमिना इलाके में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी कथित रूप से आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने ली है।
श्रीनगर के एक लोकल समाचार चैनल को हिजबुल मुजाहिदीन के नाम से फोन किया गया।
फोन करने वाले ने कहा है कि ये हमला हिजबुल के आतंकवादियों ने किया है।
फोन करने वाले ने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस तरह के और हमले किए जाएंगे।
सीआरपीएफ कैंप पर बुधवार को हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए जबकि पांच जवानों समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
सीआरपीएफ जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो हमलावर आतंकियों को मार गिराया। कुछ और आतंकियों के छिपे होने की खबर है। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाश तेज कर दी है।
बेमिना स्थित सीआरपीएफ कैंप के पास पुलिस पब्लिक स्कूल तथा कई सरकारी इमारतें हैं। पुलिस पब्लिक स्कूल की सुरक्षा के लिए यहां सीआरपीएफ का बंकर बना हुआ है।
हमले के वक्त सीआरपीएफ के जवान अपने ग्राउंड पर क्रिकेट खेल रहे थे। आतंकी मैदान में खिलाड़ी के भेष में दाखिल हुए। उनके हाथों में स्पोर्ट्स बैग था जिसमें हथियार रखे थे।
हमला होते ही सीआरपीएफ के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। लेकिन आतंकियों ने हमला इतना ताबड़तोड़ किया कि पांच जवान मौके पर ही शहीद हो गए।
गौरतलब है कि घाटी में अलगाववादियों की तरफ से अफजल गुरु के शव की मांग को लेकर हड़ताल जारी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में बताया कि हमला सुबह 10.45 बजे किया गया।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। गौरतलब है कि पिछले तीन साल में यह पहला फिदायीन हमला है।
सूत्रों के मुताबिक फिदायीन हमलावर सीआरपीएफ कैंप में घुस गए और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। जिस जगह हमला हुआ वहां से सेना की ढेरों गाड़ियां गुजरती रहती हैं और जगह-जगह नाके भी लगे रहते हैं।