जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में एलओसी पार कर पाक सेना की बर्बर हरकतों के चार पांच दिन पहले मुंबई हमले का मास्टर माइंड और लश्कर-ए-ताइबा प्रमुख हाफिज सईद पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद था।
शिंदे ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर भारतीय सैनिक का सिर कलम करने की घटना और सईद के पीओके आने में जुड़ाव की पड़ताल की जा रही है। सरकार ने सईद की पीओके में मौजूदगी की पुष्टि करते हुए कहा है कि सीमा पर उपजे तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच नए वीजा नियम जैसे किसी भी करार को खत्म नहीं किया जाएगा।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बृहस्पतिवार को अपनी मासिक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार के पास खुफिया रिपोर्ट थी कि सईद पीओके में था। उसने वहां कई लोगों से बातचीत भी की है, लेकिन फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि सेना के जवानों को मार कर उनके सिर काटने जैसी अमानवीय घटना से सईद की मौजूदगी का संबंध है या नहीं।
शिंदे ने कहा कि भारत सईद की पीओके में मौजूदगी के कारणों का पता लगा रहा है। शिंदे के मुताबिक पाकिस्तान के साथ विश्वास बहाली की दिशा में जो भी कदम उठाए गए हैं उसे रोका नहीं जाएगा। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि मुंबई हमले के अभियोजन पक्ष के गवाहों का बयान दर्ज करने के मकसद से आने वाले न्यायिक आयोग अपनी योजना के मुताबिक भारत आएगा। हालांकि उनके आने की तारीख अभी पक्की नहीं हुई है, लेकिन भारत चाहता है कि पाक अदालत में चल रहे 26/11 के आरोपियों के मुकदमे की सारी कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी हो।
शिंदे ने संतोष जताया है कि इस मामले में पाकिस्तान भी अपनी ओर से सकारात्मक कदम उठा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले महीने इस मामले के निबटारे के लिए पाकिस्तान गई गृह मंत्रालय के अधिकारियों की टीम के साथ 26/11 मामले के वकील उज्जवल निकम को भी भेजा गया था। इसकी वजह यह थी कि दोनों देशों के कानून के लिहाज से सारी जरूरतों को गंभीरता से समझ कर उसे पूरी की जा सके।