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पाक में टेरर फंडिंग का फंडा, ऐसे हो रही उगाही

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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की सरपरस्ती में फलफूल रहे आतंकी संगठनों की फंडिंग वहां के सूबों की सरकार के लिए भी चिंता का विषय बना गया है।
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पाकिस्तान के पंजाब सूबे ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की केंद्र की सरकार से शिकायत की है कि ईद-उल-जुहा की आड़ में लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे कम से कम आधा दर्जन आतंकी संगठन फ्रंट संस्थाओं के जरिए मोटी रकम की उगाही कर रहे हैं।

इसके तहत त्यौहार के मौके पर कुर्बान किए गए जानवरों की खालों को दान पर जोर दिया जा रहा है। पाक की पंजाब सरकार के आकलन के मुताबिक पिछले साल इस त्यौहार के मौके पर सिर्फ इस सूबे में एक करोड़ खालों को दान किया गया, जिनकी कीमत करीब 350 करोड़ पाकिस्तानी रुपये थी।
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खुफिया एजेंसी रॉ ने त्योहार की आड़ में मोटी उगाही का दिया ब्यौरा

भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने गृहमंत्रालय, विदेश मंत्रालय और कैबिनेट सचिवालय को इसकी जानकारी दी है। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी आतंकी संगठनों पर अमेरिका के दबाव के बाद हाफिज सईद की संस्था जमात-उल-दावा (जेयूडी) फलह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) नाम के नए संगठन के जरिए करोड़ों का चंदा उगाह रही है।

इसी तरह आईसी 814 विमान अपहरण के जरिए छूटा आतंकी मौलाना मसूद अजहर का जैश-ए-मोहम्मद (जेइएम) फंड इकट्ठा करने के लिए अल-रहमत ट्रस्ट का इस्तेमाल कर रहा है।

वहीं जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) अल-हिलाल ट्रस्ट को सामने रख पैसे की उगाही करता है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के एएसडब्ल्यूजे अल-इसार वेलफेयर ट्रस्ट और तहरीक गलबा-ए-इस्लाम नाम की दो संस्थाएं भी त्यौहारों के नाम पर मोटी रकम जमा करती हैं।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस फंड का इस्तेमाल खासतौर पर भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में किया जाता है। इसके अलावा पाकिस्तान सरकार के खिलाफ कट्टरपंथी संगठनों को भी इसी फंड से मदद दी जाती है।

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