इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक से स्पाइस चौक को जाने वाली सड़क से रोजाना गुजरने वाले लोग सुबह हैरान रह गए। पॉवरकॉम के दफ्तर के साथ जो प्लॉट उन्हें रोजाना खाली नजर आता था, वहां पांच मंजिला इमारत तैयार हो चुकी थी। रोड से गुजरने वाला हर शख्स कुछ देर रुककर इस अजूबे को देखता। साथ में कोई हो तो उससे हैरानी जताता।
कुछ मोबाइल के कैमरे से फोटो खींच रहे थे। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि देखते ही देखते कैसे यह अजूबा खड़ा हो गया। तब लोगों को विश्वास हो गया कि सचमुच दस मंजिला बिल्डिंग भी 48 घंटे में तैयार हो सकती है।
उधर, सिनर्जी की टीम पूरी तरह सैंपल बिल्डिंग ‘इंस्टाकॉन’ बनाने में जुटी हुई थी। एक-एक करके मंजिलें खड़ी की जा रही थीं। सब कुछ योजनाबद्ध। पहले बड़ी सी क्रेन एक मंजिल के ढांचे के ब्लॉक एक-एक करके रखती। फिर उस पर छत डाली जाती। फिर साइडों के पैनल लगाए जाते। इसके बाद एक टीम दूसरी मंजिल का ढांचा खड़ा करने में लग जाती। वहीं, एक टीम बने हुए ढांचे पर दीवारें खड़ी करने और खिड़कियों पर कांच लगाने में जुट जाती थी।
कंपनी के अधिकारी लगातार माइक हाथ में लेकर टीम मेंबरों का हौसला बढ़ा रहे थे। जोशीले गीत भी चल रहे थे। इन सब के बीच लोगों की आमद जारी थी। जो कोई भी आता, हैरानी से मंजिल-दर-मंजिल बढ़ती हुई इमारत को देखता रहता। पहली बार लोगों को यकीन हुआ था कि वाकई 48 घंटों में भी दस मंजिला इमारत बनाई जा सकती है। लोगों के लिए फैक्टरी-मेड-स्काईस्क्रैपर देखने का यह पहला अनुभव था।
इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन बृस्पतिवार को डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने किया था। हालांकि कंपनी ने इसे शनिवार तक तैयार करने का ऐलान किया है। पर जिस रफ्तार से काम हो रहा था, शुक्रवार रात तक ही बिल्डिंग का ढांचा खड़ा हो जाने की उम्मीद है। शाम पांच बजे तक सातवीं मंजिल का ढांचा खड़ा हो चुका था। पहली तीन मंजिलों की दीवारों व छतों का काम पूरा हो चुका था।
वर्करों ने फहराया तिरंगा
48 घंटों में दस मंजिला इमारत बनाने में जुटे वर्करों ने भी पूरा जोश दिखाया। वहीं नीचे मौजूद उनके टीम मेंबर भी खूब मस्ती में थे। वर्करों ने दोपहर बाद 3.48 बजे सातवीं मंजिल पूरी होने के बाद वहां तिरंगा फहराया। वहीं, नीचे मौजूद उनके साथी भी खुशी से झूम उठे।