कृषि की नवीनतम तकनीक पर वैज्ञानिकों के शोध व अनुसंधान का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के लिए बारहवीं पंचवर्षीय योजना में 15 नए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) खोले जाएंगे। उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित दस राज्यों में खोले जाने वाले नए केवीके के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती व ज्योतिबा फुले नगर और हरियाणा के पंचकुला में केवीके स्थापित किए जाएंगे।
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री तारिक अनवर के मुताबिक दस राज्यों में 15 नए केवीके खोलने की योजना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अलावा अरुणाचल प्रदेश के तवांग घाटी और कुरूंग कुमेय, असम के उत्तरी कछार व मोरीगांव, दादर तथा नगर हवेली के सिलवासा, दमन और दीव में एक-एक, मध्यप्रदेश के अनूप पुर, मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स और पूर्वी गारो हिल्स, पुडुचेरी के माहे और पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में केवीके खोले जाएंगे।
अनवर का कहना है कि ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में प्रस्तावित केवीके भी अगले कुछ वर्षों में शुरू हो जाएंगे। मौजूदा समय देश भर में 630 केवीके कार्य कर रहे हैं जबकि 37 नए केवीके खोले जाने हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों पर खेत परीक्षण, किसानों को प्रशिक्षण, उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी के बारे में जागरूकता अभियान, बीज, रोपण सामग्री, पशुधन नस्लों का उत्पादन आदि कार्य किए जाते हैं। केवीके के जरिए पूरे जिले के किसानों को लाभ हो रहा है।