सीबीआई की विशेष अदालत ने करोड़ों रुपये के चारा घोटाले में 23 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 अन्य को आरोप मुक्त कर दिया।
अदालत ने चार पूर्व कोषागार अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा 19 सप्लायरों को वर्ष 1981 से 1990 के बीच डोरांडा कोषागार से फर्जी तरीके से 7.06 करोड़ रुपये निकालने का दोषी करार दिया।
सीबीआई जज बीके गौतम ने इन्हें तीन से पांच साल तक की सजा सुनाई है।
बरी किए जाने वालों में चार पूर्व कोषागार अधिकारी और कर्मचारी और छह चारा सप्लायर शामिल हैं।
घोटाले से जुड़े 54 मामलों को रांची स्थानांतरित किया गया था। यह 47वां मामला है जिसमें अदालत में फैसला सुनाया है।