एक समय लोगों की जिंदगी में खासा अहमियत रखने वाली 160 साल पुरानी टेलीग्राम सेवा (तार) का रविवार को आखिरी दिन होगा।
इंटरनेट और मोबाइल फोन के युग में यह सेवा अब सोमवार से लोगों के दुख-सुख की खबरें लेकर नहीं आएगी। अरसे से इस सेवा के फायदेमंद नहीं रह पाने के कारण भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने पिछले महीने ही इसे 15 जुलाई से बंद करने का फैसला किया था।
बीएसएनएल के सीएमडी आरके उपाध्याय ने कहा, ‘रविवार को टेलीग्राम सेवा का आखिरी दिन है। यह सेवा सुबह आठ बजे से शुरू होकर रात नौ बजे तक चलेगी। सोमवार से इसे बंद कर दिया जाएगा’।
अब कभी नहीं आएगा टेलीग्राम!
इस सेवा से सालाना 75 लाख रुपये की आमद होती थी, जबकि इसे चलाने के लिए इस पर सौ करोड़ रुपये का खर्च आ रहा था। देश में पहली बार यह सेवा प्रयोग के तौर पर 1850 में कोलकाता और डायमंड हॉर्बर के बीच शुरू की गई थी, जिसका इस्तेमाल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया द्वारा किया जाता था।
बंद होने वाली है ये 160 साल पुरानी सेवा
1854 से इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। आजाद भारत में एक समय इसे खबर देने के मामले में सबसे तेज सेवाओं में माना जाता था।
मौजूदा समय में देश में 75 टेलीग्राम सेंटर हैं, जिसे एक हजार से भी कम कर्मचारी चलाते हैं। अब इस सेवा के बंद होने के बाद इन कर्मचारियों को मोबाइल सेवाओं, लैंडलाइन टेलीफोन और ब्राडबैंड सेवाओं में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।