अलग तेलंगाना राज्य के गठन का ऐलान कांग्रेस के लिए गले की फांस बनता जा रहा है।
अलग राज्य के विरोध में कांग्रेस के दस सांसदों ने शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। वहीं आंध्र का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू समेत चार मंत्रियों ने भी अपने इस्तीफे की पेशकश की है।
रायलसीमा और तटीय आंध्र के नेताओं में बढ़ते असंतोष को दूर करने में हाईकमान जुट गया है और मंत्रियों को इस्तीफा नहीं देने के लिए मनाने की कोशिश जारी है।
तेलंगाना का साइड इफेक्ट, छोटे राज्यों की मांग हुई तेज
पार्टी हाईकमान ने असंतुष्ट सांसदों को भरोसा दिलाया है कि बंटवारे में कोई भेदभाव नहीं होगा। मगर सांसद मानने को तैयार नहीं हैं। हालात सुलझने के बजाय बिगड़ते जा रहे हैं।
आंध्र प्रदेश की किरण कुमार रेड्डी की सरकार के एक मंत्री और सात विधायकों ने भी अपने त्यागपत्र सौंप दिए हैं। इसके चलते प्रदेश सरकार पर संकट मंडराने लगा है।
अलग तेलंगाना राज्य बनाने की राह साफ कर कांग्रेस ने भले ही अपनी सियासत चमकाने की कोशिश की हो, मगर गैर तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों और विधायकों की बगावत से अब मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रभारी दिग्विजय सिंह ने मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू, राज्य मंत्री पुरुंदेश्वरी, जेडी सेलम और किल्ली क्रुपारानी से मुलाकात की।
उन्होंने बागी तेवर अपना रहे मंत्रियों को आश्वासन दिया है कि तटीय आंध्र और रायलसीमा की समस्याएं सुलझाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी।
तेलंगाना पर अमल के लिए सरकार ने कसी कमर
मगर मंत्री और सांसद इस्तीफे की बात पर अड़े हुए हैं। ये सभी मंत्री शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।
सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों की बगावत को देखते हुए 5 अगस्त से शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र कांग्रेस के लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता है। बागी सांसदों ने संसद में अलग तेलंगाना राज्य के प्रस्ताव का विरोध करने की योजना बनाई है।
शुक्रवार को सात सांसदों ने संसद जाकर अपना इस्तीफा सौंपा। इनमें ए साई प्रताप रेड्डी, अनंत वेंकटरामी रेड्डी, सीवी हर्ष, वी अरुण कुमार, एल राजगोपाल और एसपी वाई रेड्डी लोकसभा से सांसद हैं।
जबकि राज्यसभा के सांसद केवीपी रामचंद्रराव ने भी अपनी सदस्यता से इस्तीफा दिया है। वहीं तीन अन्य सांसदों सब्बम हरी, रायापति संबाशिव राव और श्रीनिवासुल्लु रेड्डी ने फैक्स कर अपना इस्तीफा दिया है।
टीडीपी के पांच सांसदों का भी इस्तीफा
कांग्रेस पर अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए आंध्र प्रदेश को बांटने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के पांच सांसदों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
ये सांसद हैं वाई सत्यनारायण चौधरी, सीएम रमेश (दोनों राज्यसभा), निम्माला किस्तप्पा, कोणकल्ला नारायण और मोदुगुला वेणुगोपाल (तीनों लोकसभा)।
गैर तेलंगाना क्षेत्र के विधायकों से मिलेंगे रेड्डी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी शनिवार को तटीय आंध्र और रॉयलसीमा क्षेत्र के विधायकों से मुलाकात करेंगे।
इस मुलाकात को अलग तेलंगाना के ऐलान के बाद इन दोनों क्षेत्रों के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के इस्तीफे के चलते काफी अहम माना जा रहा है। प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बी सत्यनारायण ने बताया कि 25 कांग्रेस विधायक उन्हें अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं।
तेलंगाना क्षेत्र के लोगों की भावनाएं अलग राज्य के पक्ष में हैं लेकिन दूरगामी दृष्टिकोण से इसका देश के लोकतांत्रिक, संघीय ढांचे पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे छोटे-छोटे राज्यों की मांग जोर पकड़ेगी।--प्रकाश करात, माकपा महासचिव
यूपीए को अगले दो-तीन दिन में कैबिनेट की विशेष बैठक बुलानी चाहिए ताकि अलग तेलंगाना राज्य के गठन का रास्ता साफ हो सके क्योंकि जनता को कांग्रेस की मंशा पर संदेह है।--प्रकाश जावडेकर, भाजपा