तेलंगाना राज्य के गठन में कांग्रेस और केंद्र सरकार के झुकाव को देखते हुए अब अलग राज्य के विरोधी कांग्रेसी सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के हौसले पस्त होने लगे हैं।
अभी तक इस्तीफे की धमकी देने वाले आंध्र प्रदेश कोटे के केंद्रीय मंत्रियों ने अब खुद ही स्वीकार किया है कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि इससे समस्या का कोई समाधान नहीं निकलने वाला।
साथ ही लोकसभा में अलग तेलंगाना राज्य का विरोध करने वाले सांसदों को कांग्रेस हाईकमान ने मनाने की कोशिश की है।
सांसदों को कहा जा रहा है कि वे हंगामे को छोड़कर तेलंगाना के मसले पर संसद में चर्चा के दौरान अपनी बात रखें।
सोमवार को मंत्रियों ने बैठक की। पहले रक्षा मंत्री एके एंटनी से मुलाकात की बात थी। मगर उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। फिर बाद में मंत्रियों ने आपस में खुद ही बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक के बाद केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री जेडी सीलम ने कहा कि इस्तीफा देना ही समस्या का हल नहीं है। हम हक के लिए लड़ेंगे। उनके साथ इंसाफ होगा।