अलग तेलंगाना के विरोध में सुलग रहे आंध्र प्रदेश पर केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मरहम लगाने का प्रयास किया है।
शिंदे ने पत्रकारों से कहा, 'आंध्र प्रदेश के साथ न्याय होगा। मंत्रियों के समूह (जीओएम) जल्द ही तेलंगाना पर अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी।'
इधर, हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित विजियानाग्राम में आज कर्फ्यू में चार घंटे की ढील दी गई। फिलहाल इलाके में शांति है।
विजियानाग्राम के डीआईजी पी उमापार्थी ने बताया, 'कर्फ्यू में ढील की अवधि बढ़ाई जा सकती है। अभी तक हिंसा में शामिल होने के शक में 280 लोगों को हिरासत में लिया गया है।'
इधर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने केंद्र सरकार को मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है। टीआरएस ने आंध्र प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी मांग की।
वहीं, तूफान की आशंका की वजह से हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला किया है। ये कर्मचारी शुक्रवार सुबह छह बजे से काम पर लौटेंगे।
हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो फिर वे आंदोलन करेंगे।
वहीं तेलंगाना गठन के खिलाफ अनिश्चिकालीन अनशन पर बैठे वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एनआईएमएस) में भर्ती कराया गया। जगन 5 अक्टूबर से अनशन पर हैं।
जगन ने मौजूदा संकट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया। जगन ने कहा कि सोनिया ने यह सियासी कदम इसलिए उठाया ताकि उनके बेटे राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकें।
इधर नई दिल्ली के आंध्र भवन में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का तीसरे दिन अनशन जारी है।