गोवा पुलिस ने तहलका मामले में भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
लेखी पर ट्वीट के जरिये तहलका के संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार का नाम जाहिर करने का आरोप है।
गोवा पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने गोवा यूनिट के एनएसयूआई उपाध्यक्ष सुनील कावाथंकर को लेखी के ट्वीट की यूआरएल या स्क्रीन शॉट कॉपी पेश करने को कहा है। कावाथंकर ने ही लेखी के खिलाफ आईपीसी की धारा 228 ए ( कुछ खास अपराधों की शिकार की पहचान जाहिर करने से जुड़ी धारा) के तहत क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी।
साइबर क्राइम सेल के पुलिस इंस्पेक्टर राजेश जॉब ने कावाथंकर को भेजी चिट्ठी में कहा है कि या तो वह लेखी के ट्वीट की यूआरएल या स्क्रीन शॉट की कॉपी भेजें या इसे पहचानने के लिए खुद उसके सामने हाजिर हों। आगे की कार्रवाई के लिए यह बेहद जरूरी है।
कावाथंकर ने आरोप लगाया था कि लेखी ने अपने ट्वीट में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिला पत्रकार का उपनाम जाहिर कर दिया था। यह उस कानून का सीधा उल्लंघन है, जो अपराध की शिकार की पहचान छिपाने की गारंटी देता है।
लेखी ने इस महीने राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखी चिट्ठी में महिला पत्रकार का नाम लेने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था यह उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। तहलका की महिला पत्रकार ने इसके संपादक तरुण तेजपाल पर गोवा के एक फाइव स्टार में यौन हमले का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि होटल की लिफ्ट में उसे दो बार यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। इसके बाद तेजपाल को गिरफ्तार कर गोवा की एक जेल में बंद कर दिया गया था।