तहलका मैगजीन के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं। रेप के आरोपों ने उन्हें पहले ही जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है और अब इनकम टैक्स की चोरी उन्हें और गर्त में धकेल सकती है।
इनकम टैक्स विभाग जल्द ही तहलका के संदेहास्पद व्यापारिक सौदों और उसके शेयरों के लेनदेन का पूरा चिट्ठा खोलने जा रही है। सूत्रों ने बताया कि टैक्स चोरी के लिहाज से उनके कई लेन देन में गड़बड़ी होने की संभावना है।
आईटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार तहलका कंपनी के सौदों में गड़बड़ी दिखाई देती है। कई कंपनियों के माध्यम से बहुत सारे संदेहास्पद सौदे सामने आ रहे हैं। हम केवल टैक्स चोरी को लेकर ध्यान दे रहे हैं।
2006 से लेकर 2009 तक तहलका द्वारा किए गए सारे सौदे जांच के दायरे में हैं। इन सौदों में कई बेनामी कंपनियों से पैसा लगाया गया है। तहलका मैगजीन अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अंदर की पत्रिका है।