टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने एक ब्रिटिश पत्रिका को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अथवा उनकी सरकार के खिलाफ कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की थी। यह बात टाटा समूह की कंपनी टाटा संस की ओर से शनिवार को जारी स्पष्टीकरण में कही गई है।
कंपनी की ओर से जारी बयान कहा गया है कि उक्त पत्रिका और मीडिया में अन्यत्र रतन टाटा द्वारा प्रधानमंत्री की आलोचना करने संबंधी आ रही खबरें सरासर गलत हैं। रतन टाटा ने साक्षात्कार में न तो पीएम के खिलाफ कुछ कहा था और न ही उन्होंने भारत में खराब कारोबारी माहौल जैसी कोई बात की थी।
टाटा ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था। ये सारी बातें प्रकाशकों की अपनी खुद की गढ़ी हुई हैं। बयान में यह भी कहा गया कि रतन टाटा हमेशा से ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रशंसक रहे है और हमेशा उनकी नीतियों का समर्थन किया है।
कंपनी ने कहा है कि वह यह देखकर हैरान है कि प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने रतन टाटा की टिप्पणियों को सनसनीखेज ढंग से पेश किया और साक्षात्कार की भावना, पृष्ठभूमि और लहजे की परवाह नहीं की।