तहलका के संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ सहकर्मी के यौन उत्पीड़न मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गोवा सरकार से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
पिछले दिसंबर में दिल्ली में हुए गैंगरेप के बाद बने नए सख्त यौन उत्पीड़न कानून के मद्देनजर केंद्र सरकार इसे राज्य का मामला समझ अनदेखा नहीं कर सकती।
केंद्र को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक तरुण के कृत्य के बारे में युवती ने तहलका को लंबी शिकायत दी थी। इतना ही नहीं, तरुण ने 7 और 8 नवंबर को गोवा के पांच सितारा होटल की लिफ्ट में जो हरकतें की, उसका जिक्र मैसेज के जरिए भी किया गया है।
युवती के इस पर बेहद सख्त रुख के बाद तरुण ने अपने फोन से एसएमएस के जरिए युवती से इस घटना को शराब के नशे की गलती समझ कर भूल जाने की बार-बार गुजारिश की।
युवती ने जवाब दिया है कि यह गलती एक बार हो सकती है, दो बार नहीं। शिकायत के मुताबिक तरुण ने लगातार दो दिन उसी लिफ्ट में एडीटर पद की शालीनता की हदें लांघ दी थीं।
युवती के इस जवाब में तरुण ने लिखा कि उसका चुप रहना नौकरी बरकरार रखने का सुगम जरिया हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक ये बातें तरुण के खिलाफ अहम सबूत बन सकती है।
युवती ने दोनों दिन इस घटना की शिकायत तहलका के ही अपने तीन साथियों से की थी। साथ ही इसकी जानकारी अफ्रीका गए अपने पुरुष दोस्त को भी दी।
यौन उत्पीड़न के नए कानून के मुताबिक यह सब तरुण के खिलाफ ठोस गवाह बन सकते हैं। इसके अलावा गोवा पुलिस ने लिफ्ट की सीसीटीवी फुटेज हासिल की हैं जो युवती की शिकायतों की तस्दीक कर रहा है।