भले ही टेलीकॉम कंपनियां कॉल रेट बढ़ाने की बात कर रही हों लेकिन संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल की बात मान ली जाती हैं तो आने वाले समय में मोबाइल पर एक दूसरे से बात करने के लिए पैसे देने की जरूरत नहीं होगी।
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने सीआईआई के कार्यक्रम में कहा है कि सरकार आने वाले वर्षों में वॉयस कॉल फ्री करने की संभावना तलाश रही है। सिब्बल के मुताबिक एक दूसरे से बात करने के लिए अलग से पैसे देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। टेलीकॉम इंडस्ट्री को फ्री वॉयस कॉल के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस लाने चाहिए।
3जी रोमिंग सेवा खत्म करने की बात
टेलीकॉम मंत्रालय 3जी पर रोमिंग सेवा देने के कंपनियों द्वारा किए गए समझौते को जल्द से जल्द खत्म कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मंत्रालय समझौते के तहत आने वाली सभी कंपनियों को नोटिस जारी करेगा। जिसके तहत कंपनियों को तुरंत रोमिंग समझौते के तहत दी जा रही 3जी सेवा को बंद करना होगा।
टेलीकॉम सचिव आर.चंद्रशेखर ने सीआईआई के कार्यक्रम में बताया कि सरकार मोबाइल फोन ऑपरेटर को 3जी के तहत अपने लाइसेंस सर्किल से बाहर की सेवा को तुरंत बंद करने को कहेगी, जो कि वह रोमिंग समझौते के तहत दे रहे हैं। इसके लिए सरकार कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी और सलाह के रूप में भी कहेगी कि वह रोमिंग समझौते को खत्म करें।
इसके पहले सरकार ने दिसंबर 2011 में टेलीकॉम कंपनियों को 3जी रोमिंग समझौतो को अवैध मानते हुए खत्म करने के लिए कहा था। जिसके बाद मोबाइल ऑपरेटर्स ने टीडीसैट में अपील दायर की थी। टीडीसैट ने इस संबंध में बंटा हुआ फैसला दिया था।
दरअसल 3जी लाइसेंस मिलने के बाद देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने रोमिंग सेवा देने के लिए आपस में समझौते कर लिए थे। समझौते की वजह से कंपनियों को देश के सभी 22 सर्किल में निवेश करने से राहत मिल गई थी। इसे बाद में सरकार ने गलत मानते हुए कंपनियों से रोमिंग समझौते को समाप्त करने की बात कही थी।
3जी लाइसेंस के तहत भारती एयरटेल के पास 13 सर्किल के लिए, वोडाफोन के पास 9 सर्किल और आइडिया के पास 11 सर्किल के लिए लाइसेंस प्रमुख रूप से हैं। इसके अलावा एयरसेल और टाटा टेलीसर्विसेज के पास 3जी सेवा के लिए लाइसेंस हैं।