केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की गोवा में तालिबान उलेमा से
मुलाकात पर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कांग्रेस के
नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि इस
सरकार की नीतियों के चलते भारत की क्षेत्रीय अखंडता को खतरा उत्पन्न हो गया
है।
पार्टी का कहना है कि यूपीए की गलत नीतियों के चलते ही अफगानिस्तान पर
हुई चर्चा से भारत को दूर रखा गया। साथ ही भाजपा ने पाकिस्तानी अधिकारी के
कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के साथ बात करने की अनुमति देने पर भी सवाल खड़े
गए।
भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आरोप
लगाया कि यूपीए सरकार के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति दिशाहीन हो गई
है। लेखी ने वित्त मंत्री चिदंबरम के तालिबान उलेमा मुल्ला अब्दुल सलेम जईफ
के साथ मुलाकात की भी निंदा की। उन्होंने अफगानिस्तान के मसले पर अमेरिका,
ब्रिटेन, चीन और पाकिस्तान के बीच हालिया बातचीत में भारत कोई भूमिका नहीं
दिए जाने को लेकर भी आलोचना की।
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घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री
नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज को हुर्रियत नेताओं के साथ मुलाकात करने
की अनुमति देना चौंकाने वाली घटना है। उन्होंने केंद्र से पूछा आखिर ऐसी
वार्ताओं को अनुमति देकर कांग्रेस कौन सा हित साधना चाहती है जबकि भारतीय
संसद कई बार कह चुकी है कि कश्मीर भारत का आंतरिक हिस्सा है। इस क्षेत्रीय
अखंडता पर समझौते का सवाल ही पैदा नहीं होता है।