कहते हैं कि प्रतिभाएं किसी की मोहताज नहीं होतीं। मध्य प्रदेश में एक दर्जी के बेटे ने इस कथन को सही साबित किया है।
नीरीश राजपूत ने घर की माली हालत को दरकिनार करते हुए अखिल भारतीय नागरिक सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। संघ लोक सेवा आयोग की इस परीक्षा की अंतिम चयन सूची में उन्होंने 370वीं रैंक प्राप्त की है।
पेशे से दर्जी नीरीश के पिता वीरेंद्र राजपूत ने बेटे को पढ़ाई के लिए खूब प्रोत्साहित किया। एक समय ऐसा भी आया, जब परिवार की आर्थिक तंगी के चलते नीरीश को अपनी पढ़ाई दो साल के लिए रोकनी पड़ी।
उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं ली। पहले दो प्रयासों में असफल रहने के बावजूद उन्होंने तीसरे प्रयास में अपने लक्ष्य में सफलता पाई।
यही वजह है कि उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद करने की योजना बनाई है।