स्विट्जरलैंड अपने बैंकों में जमा काले धन से जुड़ी जानकारी भारत के साथ साझा करने पर राजी हो गया है।
अब इस तरह की जानकारियां खुद-ब-खुद साझा होने लगेंगी। इसके साथ ही स्विस बैंक विदेशी टैक्स अधिकारियों से सहयोग करने की व्यवस्था पर भी राजी हो गए हैं।
लगातार बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर उसने मंगलवार को टैक्स मामलों पर जानकारी साझा करने से जुड़े ओईसीडी (आर्गेनाइजेशन फॉर इकोनोमिक को-ऑपरेशन एंड डेवेलपमेंट) देशों के बहुपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए।
पिछले कुछ अरसे से स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारत से ले जाकर जमा किए गए अरबों डॉलर का मामला गर्माया हुआ है। लेकिन इस समझौते के बाद स्विस बैंकों की गोपनीयता लगभग खत्म हो जाएगी।
स्विट्जरलैंड अब अपने यहां जमा कथित काले धन पर हर तरह की जानकारी मुहैया कराएगा। स्विस अधिकारी अब अनुरोध पर मदद करने को तैयार रहेंगे।
स्विट्जरलैंड के अधिकारी अब विदेश में टैक्स देनदारी की पड़ताल करने से लेकर टैक्स वसूलने और इससे जुड़ी जानकारियां साझा करने में नहीं हिचकिचाएंगे।
स्विट्जरलैंड पर स्विस बैंकों में विदेशी खातों से जुड़ी जानकारी साझा करने का भारी दबाव रहा है। दुनिया भर के टैक्स अधिकारी स्विस बैंकों से इस तरह की जानकारी मांगते रहे हैं।
दुनिया भर के अमीर टैक्स बचाने के लिए इन बैंकों में अपना धन जमा करते रहे हैं। भारतीय अमीरों का इन बैंकों
में अरबों डॉलर जमा होने की चर्चा है।
स्विस नेशनल बैंक की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट के मुताबिक स्विट्जरलैंड में भारतीयों की ओर से जमा काले धन में लगातार कमी देखी जा रही है और अब यह 9000 करोड़ रुपये यानी 1.42 अरब डॉलर के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है।