फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काले धन वालों की लिस्ट मिलेगी भारत को!

Mon, 23 Jun 2014 02:07 PM IST
एजेंसी/ज्यूरिख, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
विदेश में जमा काला धन वापस लाने पर गंभीर भारत के प्रयास अब रंग लाते दिख रहे हैं। काले धन पर भारत सरकार के कड़े रुख के बाद स्विट्जरलैंड ने उन भारतीयों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने टैक्स चुकाए बगैर स्विस बैंकों में पैसा जमा किया है।
विज्ञापन


स्विट्जरलैंड सरकार ने इस सिलसिले में भारत सरकार से जानकारी साझा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मोदी सरकार की ओर से काले धन पर हाल में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने साफ किया है कि वह काला धन विदेश में छिपाकर रखने वालों को बख्शेगी नहीं।

भारतीय नागरिक, संगठन और कंपनियां दायरे में

स्विट्जरलैंड सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यहां के बैंकों में काला धन जमा करने वाले कई भारतीय नागरिक, संगठन और कंपनियां निगरानी के दायरे में आ गई हैं। स्विस सरकार की ओर से इस धन के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान के लिए की गई कवायद में ये संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

इन लोगों और संगठनों के नामों की सूची भारत के साथ साझा की जा रही है। आने वाले दिनों में भारत सरकार को विस्तृत जानकारी मुहैया कराई जाएगी और आगे भी इस मामले में हम पूरी मदद करेंगे।

वहीं, दिल्ली में एसआईटी प्रमुख जस्टिस एमबी शाह ने कहा है कि इस सूची की सत्यता की जांच कर बेहिसाबी रकम विदेश में जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नामों का खुलासा करने से इनकार

स्विस अधिकारी ने हालांकि पैसा जमा कराने वाले भारतीय नागरिकों और संगठनों के नामों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि इन लोगों का कितना धन यहां जमा कराया है। लेकिन कहा कि लगता है कि ट्रस्ट, घरेलू कंपनियों या भारत से बाहर मौजूद कंपनियों के जरिये यह टैक्स चोरी कर यह पैसा स्विस बैंकों में जमा कराया गया है।

पहले भी दी है जानकारी
स्विस सरकार भारतीय नागरिकों और संगठनों के नामों की जो सूची दे रही है, वह उससे अलग है, जो कुछ समय पहले भारतीय अधिकारियों ने मांगी थी। भारतीय अधिकारियों ने कथित तौर पर एचएसबीसी की सूची समेत कुछ लीक और चुराई गई सूचियों के आधार पर जानकारी मांगी थी। एचएसबीसी की सूची में उन भारतीयों और विदेशी नागरिकों के नाम हैं, जिन्होंने इस बैंक की स्विस इकाई में अपना काला धन जमा किया है। भारत उन 36 दशों में शुमार है जिसके साथ स्विट्जरलैंड ने जानकारी साझा करने का करार किया है।
विज्ञापन

'स्विट्जरलैंड सरकार से मांगी जाएगी जानकारी'

हालांकि स्विस बैंक खातों के मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली सामने आए। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड सरकार से स्विस बैंक खातों की जानकारी मांगी जाएगी।

उन्होंने कहा, "फिलहाल स्विस सरकार की ओर से भारत सरकार को अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस मामले में स्विट्जरलैंड से जानकारी मांगी जाएगी।"

स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2013 के दौरान स्विस बैंकों में जमा भारतीयों की रकम में 43 फीसदी का इजाफा हुआ और 14,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

इस तरह यहां पैसा जमा करने के मामले में भारत 70वीं रैंकिंग से उठ कर 58वीं रैंकिंग पर आ गया है।  इस मामले में भारत अब पाकिस्तान से आगे है। पाकिस्तान 69वें स्थान से फिसल कर 74वें स्थान पर आ गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें