दुनिया के कई देशों के दबाव के चलते गैरकानूनी धन पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्विस बैंकों ने अपने भारतीय खाताधारकों से नया हलफनामा देने को कहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके खातों में कर चोरी का धन नहीं है।
लंबे समय से स्विस बैंकों को काले धन का सुरक्षित पनाहगाह माना जाता रहा है। इन बैंकों ने भी अब अधिक नेट वर्थ वाले व्यक्तियों और कारपोरेट उपभोक्ताओं से लेखा परीक्षकों का प्रमाणपत्र मांगना शुरू कर दिया है ताकि उनके धन की स्थिति स्पष्ट हो सके।
यह नई पहल ऐसे समय में हुई है जब भारत अपने नागरिकों द्वारा विदेशों में जमा काले धन की वापसी के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है और इस मामले पर स्विट्जरलैंड ने भी सहयोग करने पर अपनी सहमति दी है।
सूत्रों का कहना है कि स्विस बैंकों ने अपने भारतीय खाताधारकों से नया हलफनामा पेश करने को कहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्होंने खातों में जो धन जमा किया है, उस पर कर का भुगतान हो चुका है।