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मोदी के खास मिशन पर लगी अफसर ने कहा गुडबाय

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गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी ने विजय लक्ष्मी जोशी ने ऐच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। वे पेय जल एवं स्वच्छता मंत्रालय की सचिव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महात्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन की प्रमुख थीं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन लांच किया था, जिसका मकसद देश भर में स्वच्छता को बढ़ावा देना था। जोशी ने मिशन के एक वर्ष पूरे होने से पहली इसका कामकाज छोड़ दिया। वे 1980 बैच की आईएएस अधिकारी थीं और उनका तीन वर्ष का कार्यकाल बचा हुआ था। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने निजी कारणों से वीआरएस ले लिया।

इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि इस मुद्दे पर जब जोशी की राय जानने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले गृह सचिव एलसी गोयल ने भी अचानक वीआरएस ले लिया था। ऐसी खबरें आईं कि गोयल और सरकार के बीच कामकाज के मसले पर तकरार थी, जिसकी वजह से उन्होंने गृह सचिव पद छोड़ दिया।
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मोदी सरकार के आने के बाद हटे कई नौकरशाह

गोयल के बाद जोशी के वीआरएस से सरकार और नौकरशाही के संबंधों को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद से कई वरिष्‍ठ नौकरशाहों पर गाज गिर चुकी है।

विदेश सचिव पद पर तैनात रही सुजाता सिंह को भी कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से हटा दिया गया था। गृहमंत्रालय में भी डेढ़ साल में तीन बार गृह सचिव बदले जा चुके हैं। विभिन्न राज्यों से प्रतिनियुक्ति पर आए कई अधिकारी अपने कैडर में वापस लौट गए हैं।

विजय लक्ष्मी जोशी पेय जल मंत्रालय में आने से पहले पंचायतीराज मंत्रालय में तैनात थीं। वह गुजरात कैडर की आईएसएस अधिकारी थीं और 2011 से केंद्र सरकार की प्रतिनियु‌क्ति पर थीं। उनके प‌ति जीपी जोशी ने भी 2008 में इस्तीफा दे दिया था। वे भी गुजरात कैडर से आईएएस अधिकारी थे।
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