फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी के 'मिशन' में इन 14 राज्यों ने लगाया अड़ंगा

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण की परिकल्पना को गैर भाजपा शासित राज्यों ने बाधित कर दिया है।
विज्ञापन


बिहार, असम समेत देश के 14 राज्यों में मिशन के तहत शौचालय निर्माण की रफ्तार काफी धीमी है। कई राज्यों में इसकी शुरूआत तक नहीं हो सकी है। इन राज्यों में कांग्रेस, लेफ्ट, जदयू की सरकारें हैं।

शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने राज्यों के इस रवैये पर निराशा जाहिर की है। उन्हेंने राज्यों से मिशन की सफलता के लिए अभियान में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन


वहीं अपने अधिकारियों से कहा है कि वे इन राज्यों में मिशन के पिछड़ने के मूल कारणों को जानने की कोशिश करें। ताकि मिशन को तय समय पर पूरा किया जा सके। 

मंत्रालय के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, केरल, झारखंड और जम्मू व कश्मीर में शौचालय निर्माण अभी शेष है। जबकि इन राज्यों में केंद्र से स्वच्छता मिशन के लिए भरपूर सहयोग दिया जा रहा है।
विज्ञापन

राज्यों में अभी ये है ‌स्थिति

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर भाजपा शासित प्रदेश इस मिशन में भरपूर सहयोग दे रहे हैं। पिछले माह गुजरात में 33,670 घरों में शौचालय का निर्माण किया गया।

यह जुलाई में देश के शहरी इलाकों में बनने वाले कुल शौचालय निर्माण के 64 फीसदी के बराबर है। वहीं मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मिजोरम, राजस्थान, मणिपुर और उत्तराखंड का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है।

इस मिशन के तहत अबतक 4,35,805 घरों में शौचालय का निर्माण हो चुका है। वहीं 22,419सार्वजनिक शौचालय भी तैयार हुए हैं। आकड़े बताते हैं कि जुलाई में 52,473 घरों और 3786 सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया है।

वहीं प्रत्येक वार्ड में सौ फीसदी सॉलिड वेस्ट को एकत्रित करने में जम्मू कश्मीर और चंडीगढ़ ने बाजी मारा है। जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के प्रदर्शन को भी केंद्र ने सराहा है।

गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन को पिछले साल अक्टूबर में लांच किया गया था। मिशन के तहत 2019 तक शहरी घरों में 1.04 करोड़ शौचालय तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं पांच लाख से ज्यादा सार्वजनिक शौचालय सीट और घर-घर जाकर सौ फीसदी सॉलिड वेस्ट को एकत्रित करने का लक्ष्य भी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें