इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने 25 नवंबर को होने वाले इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के चुनाव में सुरेश कलमाडी की दावेदारी पर ब्रेक लगा दिया है। आईओसी के एथिक्स कमीशन ने साफ कर दिया है कि जब तक कलमाडी और उनकी टीम के सदस्य ललित भनोट व वीके वर्मा अदालत की ओर से आरोप मुक्त नहीं हो जाते हैं, तब तक न तो उन्हें आईओए में किसी पद पर रहना चाहिए और न ही आने वाले चुनाव में खड़ा होना चाहिए।
आईओए उपाध्यक्ष व कांग्रेस सांसद जगदीश टाइटलर ने 24 सितंबर को हुई बैठक में खुलेआम कलमाडी और भनोट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद उन्होंने 28 सितंबर को आईओसी अध्यक्ष जैक्स रोगे को पत्र लिखकर आईओए के आने वाले चुनाव में इन तीनों की दावेदारी पर जवाब मांगा। आईओसी अध्यक्ष ने शुक्रवार को भेजे पत्र में टाइटलर को कहा है कि उनसे पहले क्लीन स्पोर्ट्स इंडिया की ओर से भी यह मामला उठाया गया है। उन्होंने इस मामले को आईओसी एथिक्स कमीशन के पास भेजा है।
कमीशन ने उन्हें चार अक्तूबर को अपनी राय भेजी है। जिसमें कहा गया है कि कमीशन इन तीनों के मामले में कोई सीधा निर्णय तो नहीं ले सकता है, लेकिन ओलंपिक चार्टर और ओलंपिक मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए कमीशन यह राय देता है कि कलमाडी समेत तीनों को आईओए के सभी पदों से बर्खास्त किया जाना चाहिए। साथ ही आईओए के आगामी चुनाव में इन तीनों की दावेदारी किसी तरह संभव नहीं है।
टाइटलर की ओर से आईओसी के जवाब की जानकारी आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा को भी दे दी गई है। इससे पहले आईओसी यह भी साफ कर चुकी है कि 25 नवंबर को होने वाली चुनाव उनके व ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के ऑब्जर्वर की निगरानी में होंगे। ऐसा आईओए चुनाव के इतिहास में पहली बार होगा। हालांकि सीधे तौर पर कलमाडी की ओर से आईओए चुनाव में खड़े होने की बात अब तक सामने नहीं आई है। मगर उनकी ओर से दी जा रही पार्टियों से साफ है कि नामांकन से पहले वह कोई धमाका कर सकते हैं।