पड़ोसी मुल्क के पत्र का त्वरित जवाब देते हुए भारत ने शनिवार को पाकिस्तानी रेंजर्स की मौत पर विश्वास तोड़ने के पाकिस्तानी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पड़ोसी मुल्क से मौजूद तंत्र का पालन करने को कहा जोकि अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए कायम किया गया है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर सलाहकार सरताज अजीज को पत्र लिखकर ये बातें कही हैं। एक दिन पहले अजीज ने 31 दिसंबर को बीएसएफ की गोलीबारी में पाक रेंजर्स की मौत पर कड़ा ऐतराज जताया था और तत्काल जांच की मांग की थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत ने आईबी पर बैठक के लिए बुलाकर दो पाकिस्तानी रेंजर्स की हत्या की।
अजीज के आरोपों को खारिज करते हुए विदेश मंत्री स्वराज ने जोर देकर कहा कि हमारी सेना के जवाबी और रक्षात्मक कार्रवाई से बौखलाई पाक सेना ने उच्च क्षमता के हथियारों से सीमा पार भारत की जनता को निशाना बनाकर हमले किए।
उन्होंने पत्र में लिखा कि 31 दिसंबर को जम्मू सेक्टर में गोलीबारी की घटना उस वक्त शुरू हुई जब रूटीन पेट्रोलिंग कर रहे सीमा सुरक्षा बल के दल पर पाकिस्तानी सीमा चौकी से गोलीबारी की गई। इसमें एक भारतीय जवान मारा गया और अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके जवाब में बीएसएफ ने भी गोलीबारी की। भारतीय पक्ष लगातार पाकिस्तान को संदेश भेजता रहा कि यदि वे भारतीय सीमा चौकियों पर गोलीबारी बंद कर देते हैं तो भारत तत्काल अपनी रक्षात्मक गोलीबारी बंद कर देगा। दुर्भाग्य से पाकिस्तानी कमांडरों ने शाम तक इस सलाह को नजरअंदाज किया। सुषमा ने अजीज से आईबी और एलओसी पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के मौजूद तंत्र का पालन करने को भी कहा।