भाजपा में पीएम की उम्मीदवारी को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चल रही बहस में सुषमा स्वराज भी कूद पड़ी हैं।
कई भाजपा नेताओं के बाद अब सुषमा ने भी वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की पीएम पद की उम्मीदवार का समर्थन कर दिया है
लोकसभा में विपक्ष की नेता ने कहा कि पार्टी ने आडवाणी समेत किसी की दावेदारी खारिज नहीं की है। लेकिन सही वक्त पर सही फैसला लिया जाएगा।
सुषमा ने यह बात सोमवार को ‘आज तक’ चैनल को दिए इंटरव्यू में कही। उन्होंने मध्यावधि चुनाव की संभावना जाहिर करते हुए यह भी कहा कि आम चुनाव समय से छह माह पहले हो सकते हैं।
एनडीए में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर जदयू और भाजपा में मतभेदों की खबरों को सुषमा ने मीडिया की अटकलबाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच कोई मतभेद नहीं हैं।
पहले भाजपा फैसला करेगी कि चुनावों से पहले हमें किसी को पीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करना भी है या नहीं। यदि पार्टी पीएम उम्मीदवार का नाम पहले ही तय करने का फैसला करती है तब यह फैसला होगा कि उम्मीदवार कौन होगा।
हम गठबंधन में हैं, ऐसे में यह फैसला भाजपा अकेले नहीं लेगी। बल्कि यह निर्णय एनडीए की बैठक में होगा। जब सलाह मशविरा होगा तब नीतीश कुमार को भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
जब उनसे सवाल किया गया कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि मोदी भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेता हैं तो सुषमा का जवाब था कि यह राजनाथ की निजी राय है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भाजपा में कोई और लोकप्रिय नेता नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि पार्टी संसदीय बोर्ड में सिर्फ मोदी को ही जगह क्यों दी गई तो सुषमा का कहना था कि मोदी सबसे वरिष्ठ मुख्यमंत्री हैं। पार्टी सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था में उन्हें जगह देने की इसके अलावा दूसरी कोई वजह नहीं है।
अगला आम चुनाव मोदी बनाम राहुल होने की संभावना पर सुषमा ने कहा कि न तो एनडीए और न ही यूपीए ने अपने पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है। ऐसे में चुनाव एनडीए बनाम यूपीए होगा न कि मोदी बनाम राहुल।