विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को धर्म से अलग करने की जरूरत बताई है। रविवार को अरब-इंडिया कोऑपरेशन फोरम की पहली मिनिस्ट्रीयल मीटिंग में उन्होंने कहा कि आतंकी धर्म का इस्तेमाल करते हैं लेकिन सभी पंथ को मानने वालों को नुकसान पहुंचाते हैं।
सुषमा ने इस समस्या के खात्मे के लिए अरब देशों से हाथ मिलाने की अपील की तो आतंकवाद को चोरी-छिपे बढ़ावा देने वालों को चेतावनी भी दे डाली।
विदेश मंत्री ने चेताया कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले इसी के इस्तेमाल से खत्म हो सकते हैं। सुषमा के अनुसार जिन्हें यह भरोसा है कि आतंकी समूहों को छिपकर प्रायोजित करने से बदले में ईनाम मिल सकता है, उन्हें यह पता होना चाहिए कि उनका भी अपना एजेंडा है। वे लोग अपने प्रायोजक का संरक्षक की तुलना में अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करते हैं।