करीब दो दशक पुराने सूर्यनेल्ली सेक्स स्कैंडल मामले में एक नया ट्विस्ट आ गया है।
मामले का एकमात्र दोषी धरमराजन बुधवार को अपने आरोपों से पलट गया।
धरमराजन ने पहले आरोप लगाया था कि इस मामले में कांग्रेस नेता और राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन भी शामिल थे।
इस संदर्भ में धरमराजन के वकील ने इदुक्की जिले के थोदूपुजा स्थित सत्र न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया। इसमें धरमराजन ने कहा है कि जमानत पर रिहा होने के बाद फरारी के दौरान वह मैसूर के पास एक जगह पर छिपा हुआ था।
इसी दौरान एक मलयालम टीवी चैनल के रिपोर्टर के सवालों के जवाब में उसने ये आरोप लगाए थे। कई सालों से फरार चल रहे धरमराजन ने फरवरी में सरेंडर किया था।
उसने कहा कि वह कुरियन से परिचित नहीं है और उसने उनकी तस्वीर केवल मीडिया में देखी है। उसने अपने उस दावे को भी वापस ले लिया जिसमें उसने कहा था कि वह कुरियन को अपनी कार में लेकर कुमाली स्थित गेस्ट हाउस गया था।
यहीं पर पीड़िता को बंधक बनाकर रखा गया था। उसने कहा कि वास्तव में उसके पास खुद की कोई कार थी ही नहीं।
यह हलफनामा धरमराजन के खुलासे के बाद पीड़िता द्वारा कुरियन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग संबंधी निजी याचिका दायर किए जाने पर जमा किया गया।
फरवरी में धरमराजन ने एक टेलीविजन को दिए गए इंटरव्यू में दावा किया था कि पीड़िता के साथ जब रेप किया गया था तो उस गेस्ट में कुरियन भी मौजूद थे और उस पर जांचकर्ताओं ने कांग्रेस नेता का नाम नहीं लेने के लिए दबाव डाला था।
पेशे से वकील धरमराजन इस मामले में एक मात्र आरोपी है जिसे 2005 में केरल हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया था। सेक्स स्कैंडल का यह मामला केरल के इदुक्की जिले के सूर्यनेल्ली में जनवरी 1996 में सामने आया था।
घटना के अनुसार, एक बस कंडेक्टर ने 16 वर्षीय लड़की को जबरन धमकाकर, डराकर अगवा कर लिया था और बाद में 42 लोगों ने 45 दिन तक उसका शारीरिक शोषण किया था।