तीन इंच चौड़े और चार इंच लंबे आकार के छोटे से कागज के टुकड़े पर आप 15 से 25 लाइनें ही लिख सकते हैं, लेकिन ज्ञानपुर से सटे देवनाथपुर की सुप्रिया बरनवाल ने 16 हजार शब्दों में रामायण के उत्तर कांड को दो पोस्टकार्ड में उकेर दिया है।
सुप्रिया ने भले ही इसे सामान्य तरीके से लिखा हो, लेकिन उसे पढ़ने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है। इसके पूर्व उन्होंने एक पोस्टकार्ड पर किष्किंधा और एक पर सुंदर कांड लिखा था।
आजमगढ़ निवासी गुलाब चंद्र बरनवाल की बेटी सुप्रिया हमेशा कुछ अलग करने के अलावा धार्मिक किताबों में रुचि रखती हैं। उन्होंने 2001 में एक पोस्टकार्ड पर दुर्गा चालीसा, हनुमान चालीसा, विंध्यवासिनी चालीसा और राम चालीसा लिखा।