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SC ने गुजरात लोकायुक्त की नियुक्ति को सही ठहराया

Wed, 02 Jan 2013 11:01 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की याचिका खारिज करते हुए लोकायुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश आरए मेहता की नियुक्ति को सही ठहराया है। याचिका में कहा गया था कि राज्यपाल कमला बेनीवाल ने गुजरात सरकार से सलाह लिए बिना लोकायुक्त की नियुक्ति कर दी थी।
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न्यायमूर्ति बी एस चौहान और न्यायमूर्ति एफ एम इब्राहिम कलीफुल्ला की खंडपीठ ने उच्च न्यायलय के पिछले साल जनवरी के निर्णय के खिलाफ दायर राज्य सरकार की याचिका पर फैसला सुनाते हुए लोकायुक्त की नियुक्ति को सही ठहराया। इससे पहले उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय खंडपीठ के न्यायाधीशों में लोकायुक्त के रूप में न्यायमूर्ति मेहता की नियुक्ति के मामले में मतभेद होने के कारण इसे तीसरे न्यायाधीश के पास भेजा गया था।

तीसरे न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति सहाय ने राज्य में सांविधानिक संकट पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की खिंचाई भी की थी। उन्होंने कहा था कि राज्यपाल को ऐसी नियुक्ति करने का विशेषाधिकार प्राप्त है। न्यायमूर्ति सहाय ने अपने फैसले में कहा था कि लोकायुक्त के मसले पर मुख्यमंत्री का नाटक हमारे लोकतंत्र का विखंडन दर्शाता है।
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राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में एकतरफा विवेकाधिकार का प्रयोग करना अनावश्यक था। राज्य सरकार ने इस फैसले मे मुख्यमंत्री के बारे में प्रयुक्त कठोर शब्दों पर आपत्ति करते हुए इसे रिकार्ड से निकालने का भी अनुरोध किया था।

उल्लेखनीय है कि राज्यपाल कमला बेनीवाल ने 25 अगस्त, 2011 को सेवानिवृत्त न्यायाधीश आर ए मेहता को गुजरात का लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था। राज्य में लोकायुक्त का पद पिछले आठ साल से रिक्त था।
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