सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले में मौत की सजा पाने वाले दोषी की फांसी की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुजरिम को शुक्रवार तड़के फांसी पर लटकाया जाना था।
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दोषी राजकुमार के वकील ने फांसी की सजा का मामला उठाया। इस पर अदालत ने अगले आदेश तक उसकी सजा के अमल पर रोक लगा दी।
अदालत ने राजकुमार की अपील पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 जून को राजकुमार की मौत की सजा बरकरार रखी थी।
राजकुमार को फांसी देने के लिए वारंट जारी होते ही उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। राजकुमार ने इस सजा को चुनौती दी है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 14 साल की बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के जुर्म में राजकुमार को मौत की सजा सुनाने के निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा था।
गौरतलब है कि दोषी ने पिछले साल 26 दिसंबर को बच्ची से बलात्कार के बाद उसका गला घोंट दिया था। वारदात के समय बच्ची के माता पिता घर पर नहीं थे।
निचली अदालत ने पांच फरवरी को राजकुमार को दोषी ठहराते हुए उसे मौत की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने 27 जून को उसकी अपील खारिज कर दी थी।