सुप्रीम कोर्ट ने मुसलिम पुलिसकर्मियों के दाढ़ी रखने पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मंगलवार को दाढ़ी रखने के एक मामले में सुनवाई करते हुए दोनों सरकारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या मुसलिम पुलिसकर्मियों को दाढ़ी रखने की अनुमति दी जा सकती है। दोनों सरकारों से 4 हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।
महाराष्ट्र की राज्य आरक्षित पुलिस फोर्स में 2008 से तैनात कांस्टेबल जहीरूद्दीन शमसूद्दीन बेदादे के खिलाफ करीब 6 महीने पहले दाढ़ी नहीं हटाने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। जहीरूद्दीन को मई 2012 में उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने दाढ़ी रखने की इजाजत दे दी थी, लेकिन अक्टूबर में उनसे दाढ़ी हटाने को कहा गया क्योंकि राज्य सरकार की सेवा नियमावली में संशोधन किया गया था।
जहीरूद्दीन ने बंबई हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि जहीरूद्दीन महाराष्ट्र राज्य सरकार का कर्मचारी है, इसलिए उस पर राज्य की सेवा नियमावली लागू होगी ना कि केंद्र सरकार की। इसके बाद जहीरूद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सुप्रीम कोर्ट में जहीरूद्दीन के वकील ने कहा कि कुछ मामलों में केंद्र ने इसे धार्मिक प्रथा मानते हुए मुसलिम पुलिसकर्मियों को ट्रिम की हुई दाढ़ी रखने की इजाजत दी है।