ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए परीक्षा फिर से कराए जाने की गुहार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व हरियाणा सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने केंद्र और हरियाणा सरकार के अलावा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी नोटिस जारी किया है। अब अदालत 21 मई को याचिका पर सुनवाई करेगी।
वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से तन्वी सरवाल की याचिका में कहा गया है कि उत्तर कुंजी के लीक होने के आरोप के बाद हरियाणा के विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई जांच में पाया गया कि आरोपी गैंग हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में सक्रिय हैं।
याचिका में मीडिया में छपी खबरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि यह गोरखधंधा कई राज्यों में फैला हुआ है, इसलिए इसका प्रभाव भी व्यापक है। याचिका में गुहार की गई है कि सीबीएसई को एआईपीएमटी (2015-2016) की परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्देश दिया जाए।
याचिका में कहा गया है कि इस मामले की जांच में पुलिस ने परीक्षा को फिर से आयोजित करने की सिफारिश की है। पुलिस का भी कहना है कि ऐसा करना योग्य छात्रों के हित में होगा। साथ ही जल्द से जल्द फिर से परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए।
अगर ऐसा न हुआ तो शैक्षणिक सत्र में देरी होगी या ऑल इंडिया कोटा के लिए रिजर्व सीटों में कमी आएगी। इसका असर छात्रों के भविष्य पर और देश में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा। याचिका में दावा किया गया है कि 15-20 लाख रुपये लेकर 90 उत्तर कुंजी छात्रों को दिए गए।