निजता का अधिकार मूल अधिकार है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस पर निर्णय लेगी। अगर तीन सदस्यीय पीठ अगर यह खोजने में कामयाब नहीं होती इसे संबंध में कोई फैसला आ चुका है, तो मामले को संवैधानिक पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है।
मालूम हो कि केंद्र सरकार का कहना है निजता का अधिकार मूल अधिकार केतहत नहीं आता। केंद्र सरकार की दलील है कि इस मामले को बड़ी पीठ केसमक्ष भेजा जाना चाहिए क्योंकि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट केआदेश परस्पर विरोधी हैं।
सरकार आधार कार्ड के बचाव में यह दलील दे रही है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है कि जिसमें दावा किया गया है कि आधार कार्ड के लिए ली जाने वाले बायोमेट्रिक जानकारी निजता के मूल अधिकार का उल्लंघन है।