सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उसे वापस लेना केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को बेहद महंगा पड़ा है। शीर्ष अदालत ने वादी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है।
अदालत का समय नष्ट करने के कारण वादी को यह सजा दी गई है।केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने एक मामले में एस्सार पावर एमपी लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होनी थी।
जैसे ही सुनवाई शुरू हुई वादी के वकील ने पीठ से कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहते हैं। कृपया उनके आग्रह को स्वीकार किया जाए लेकिन न्यायमूर्ति गोगई ने वादी के इस रुख पर कड़ी आपत्ति जताई।