फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी सरकार की चाहत, रद्द हो कोयला खदानों का आवंटन

Wed, 10 Sep 2014 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने 218 कोयला खदानों के आवंटन को रद्द करने के मसले पर सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। खदान कंपनियों ने आवंटन रद्द करने का विरोध किया।
विज्ञापन


सर्वोच्च अदालत ने इन आवंटनों को गैरकानूनी करार दिया था। फैसले के बाद में केंद्र सरकार ने सभी आवंटन रद्द करने का समर्थन किया है। इसके विपरीत, खदानों के आवंटियों ने इसके लिए अनियमितताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रत्येक आवंटन पर गौर करने के लिए समिति गठित करने का अनुरोध किया।

कोल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, स्पांज आयरन मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन और इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और कुछ अन्य निजी व्यक्तियों ने 25 अगस्त के निर्णय के परिणामों पर गौर करने के लिए कमेटी गठित करने के विचार से केंद्र सरकार के सहमत नहीं होने का विरोध किया।
विज्ञापन


इन सभी ने कोयला खदानों का आवंटन रद्द करने के केंद्र सरकार के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पूरी तरह अनर्थ हो जाएगा। इससे बिजली संकट का सामना कर रही ग्रामीण आबादी ही प्रभावित होगी।
विज्ञापन

कोर्ट ने आवंटन को बताया था गैरकानूनी

चीफ जस्टिस राजेन्द्र मल लोढ़ा, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ की बेंच के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. वेणुगोपाल और हरीश साल्वे और दूसरे वकीलों ने कहा कि सरकार खुद को एक निर्दोष पक्षकार के रूप में पेश कर रही है जिसने खुद ही इस विवादपूर्ण मसले पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया है।

लेकिन बेंच ने कहा कि सरकार तो सिर्फ अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही है। इस मामले से निपटने का यह निष्पक्ष तरीका नहीं होगा क्योंकि जांच समिति की बैठक अपने आप में बता रही हैं कि किसी भी प्रक्रि या का पालन नहीं किया गया।

बेंच ने कहा कि इस मामले का तथ्य यही है कि सरकार साफ सुथरे तरीके से आगे बढ़ना चाहती है। अदालत ने अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की इस दलील का जिक्र किया कि 218 खदानों का आवंटन रद्द करना ही इस फैसले की स्वाभाविक निष्कर्ष है। लेकिन कोयला उत्पादन करने वाली 40 खदानों और उत्पादन के लिए तैयार छह खदानों पर भी विचार करना चाहिए।

बेंच ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए कहा कि सरकार सभी पहलुओं को समझ रही है। सरकार इसके अंधकार वाले पहलू को भी समझ रही है। वह देश के सभी हिस्सों को देख रही है। सरकार को सबकुछ नजर आ रहा है। उन्हें पूरा भरोसा है।

इस मामले पर पूरे दिन चली सुनवाई के आखिर में अटार्नी जनरल रोहतगी ने कहा कि हमने हर तरह की स्थिति पर गौर किया है और हम समझते हैं कि जब इतने बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई हो तो इसका असर सभी पर पड़ेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें