यौन उत्पीड़न के मामलों के खुलासे के बीच सुप्रीम कोर्ट बार ऐसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष एमएन कृष्णामणि ने मंगलवार को एक बयान देकर नई बहस को हवा दे दी। उन्होंने कहा कि जजों के चैंबर के अंदर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए।
कृष्णामणि ने कहा कि जजों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जजों के चैंबर में कैमरे लगाए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के लॉन में विधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वकीलों को संबोधित करते हुए कृष्णामणि ने यह बात एक पूर्व जज पर प्रशिक्षु महिला वकील की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को जिक्र करते हुए कही।
हालांकि कृष्णामणि की बात से वहां मौजूद कानून मंत्री कपिल सिब्बल सहमत नहीं दिखे, उन्होंने कहा कि हमारे जज आज भी उतने ही अच्छे हैं, जितने कि वे 25 साल पहले हुआ करते थे। सिब्बल ने यह भी जोड़ा कि जज भी इंसान हैं और इंसान से ही गलतियां होती हैं।
उन्होंने कहा कि यह जश्न का दिन है और मैं कृष्णामणि के बयान से खुद को अलग करता हूं। बाद में चीफ जस्टिस पी सदाशिवम ने यौन उत्पीड़न के मामले को एक अपवाद बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में हर तरह से न्याय किया जाएगा।
इससे पहले कृष्णामणि ने यह भी कहा कि अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जानी चाहिए, ताकि लोगों का न्यायिक व्यवस्था में भरोसा बहाल हो सके। उन्होंने कोलैजियम व्यवस्था का भी विरोध किया कि इसके चलते न्यायपालिका में गलत लोगों की नियुक्ति कर दी गई।