पति की मौत के बाद संपत्ति के लिए उसकी विधवा को परेशान किए जाने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि विधवा महिला को उसके पति के हिस्से से मिलने वाली जायदाद के लिए बेवजह परेशान करना बंद करें। यह अधिकार किसी को नहीं है। इस मसले पर कानून स्पष्ट है कि पत्नी और बच्चे ही दिवंगत पति या पिता के कानूनी वारिस हैं।
सर्वोच्च अदालत ने मिथिलेश कुमारी और उनकी दो पुत्रियों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर यह टिप्पणी करते हुए तीनों को गिरफ्तार किए जाने पर रोक लगा दी है। साथ ही यूपी सरकार समेत सात पक्षकारों से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
दरअसल दिवंगत सूर्य प्रकाश गुप्ता की विधवा मिथिलेश और उनकी दोनों पुत्रियों के खिलाफ देवर राजेंद्र ने फर्जीवाड़ा करने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी क्योंकि विधवा ने अपने पति के संपत्ति के हिस्से को बेचने की हिमाकत की थी।