कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दलित परिवार के घर जाने को हनीमून करार देने पर देश के अलग-अलग शहरों में बाबा रामदेव के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस एके सिकरी की पीठ ने कहा कि गत वर्ष मई महीने में दिया गया अंतरिम आदेश अन्य मुकदमों पर भी प्रभावी होगा।
सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव की ओर से पेश वकील केशव मोहन ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि देश के विभिन्न हिस्सों में 11 और शिकायतें दर्ज की गई हैं। इससे पहले पीठ ने कहा था कि अगर रामदेव ने गलत किया है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उन पर अलग-अलग जगहों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
अदालत ने कहा था कि जिस तरह बयान से आहत होने वाले लोगों को मुकदमा दर्ज कराने का कानूनी अधिकार है उसी प्रकार रामदेव के भी अधिकार हैं।
अदालत ने कहा कि ये सभी मुकदमे एक ही बयान को लेकर हैं। पीठ ने रामदेव के वकील को अलग से याचिका दाखिल कर विभिन्न जगहों में चल रहे मुकदमों को ट्रांसफर करने की गुहार करने के लिए कहा था।