लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं देने के अपने निर्णय का नियमों और परंपराओं का हवाला देते हुए बचाव किया है।
उन्होंने कहा कि उनका फैसला सही है और सुप्रीम कोर्ट की विपक्ष के नेता के बिना लोकपाल की नियुक्ति के संबंध में की गई टिप्पणी का जवाब केंद्र सरकार को देना है। यह जवाब उन्हें नहीं देना है। उधर, कांग्रेस इस मुद्दे पर आक्रामक हो गई है।
कांग्रेस ने फिर लोकसभा स्पीकर के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे भाजपा की विपक्ष को बांटने की रणनीति का पता चलता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद लोकसभा स्पीकर भी सवालों के घेरे में आ गई हैं।