सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के गुलबर्ग हाउसिंग सोसाइटी दंगा मामले से संबंधित दस्तावेज को पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी को मुहैया कराने का निर्देश जारी करने से इंकार कर दिया। जाकिया ने शीर्षस्थ अदालत से विशेष जांच दल को दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश जारी करने की मांग की थी।
जस्टिस डीके जैन व जस्टिस मदन बी. लोकुर की पीठ ने जाकिया की अर्जी पर गौर करने से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रकरण में बड़ी पीठ ने पहले आदेश दिया था। अदालत ने इस मामले को उस तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया, जिसने गत वर्ष 12 सितंबर को दस्तावेज मुहैया कराने के संबंध में आदेश जारी किया था। पीठ ने कहा कि उनके लिए इस मामले में कोई आदेश देना उचित नहीं होगा। याद रहे कि तीन सदस्यीय पीठ ने विशेष जांच दल को आदेश दिया था कि गुलबर्ग सोसाइटी कांड की अंतिम रिपोर्ट स्थानीय अदालत को सौंपी जाए।
सीबीआई के पूर्व निदेशक आर के राघवन की अध्यक्षता वाले इस जांच दल ने गुजरात दंगों के गुलबर्ग सोसाइटी सहित कई मामलों की जांच की थी। सोसाइटी में हुई सांप्रदायिक हिंसा में ही कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी सहित 69 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद की एक अदालत ने 27 नवंबर को विशेष जांच दल की ओर से 13 मार्च को मामला बंद करने के लिए पेश की गई रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी। जाकिया जाफरी ने जांच दल के दस्तावेज उपलब्ध कराने से इंकार करने के निचली अदालत के खिलाफ शीर्षस्थ अदालत में याचिका दायर की है। जाकिया मामला बंद करने की जांच दल की रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति याचिका दायर करना चाहती हैं।