कॉस्मेटिक्स उत्पादों और कॉस्मेटिक सर्जरी के भ्रामक विज्ञापन पर रोक लगाने और इस संबंध में दिशानिर्देश बनाने की गुहार संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि उसके पास और भी काम है करने के लिए। अदालत ने याचिकाकर्ता को उचित फोरम (उपभोक्ता अदालत) का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता डॉक्टर चंद्र लेखा शर्मा की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि पिछले कई सालों से एक क्रीम के प्रचार में यह दावा किया जा रहा है कि उस क्रीम को लगाने से लोग गोरे हो जाएंगे। अगर क्रीम लगाने से कोई गोरा नहीं होता तो इसमें भला अदालत क्या कर सकती है।