एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मुजफ्फरनगर में चल रहा राहत कार्य कोर्ट की निगरानी में होगा।
इससे पहले मुजफ्फरनगर हिंसा मामले पर यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दिया था कि सरकार ने मुजफ्फरनगर में हिंसा रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश की थी।
हिंसा को रोकने के लिए सुरक्षाबलों की 78 कंपनियां तैनात की थी। एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरनगर हिंसा पर केंद्र और यूपी सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा था।
दरअसल कोर्ट में दाखिल याचिका में आग्रह किया गया था कि मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसा की जांच सीबीआई से कराई जाए और जांच दल की कमान किसी अन्य राज्य के निष्पक्ष व्यक्ति को सौंपी जाए।
इस याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहत कार्यों को लेकर आदेश दिए हैं। कोर्ट का कहना था कि पुर्नवास आदि के लिए मुजफ्फरनगर में कराए जा रहे राहत कार्य सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होंगे। सुप्रीम कोर्ट इन राहत कार्यों पर पूरी तरह नजर रखेगी।
सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका मुजफ्फरनगर निवासी मनोज कुमार व अन्य की ओर से दायर की गई थी।