सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गंगा जगह-जगह सूख रही है और बात हो रही है पनबिजली परियोजनाओं की। शीर्ष अदालत ने सिमट रही गंगा पर चिंता जताते हुए कहा कि यह तो अब टुकड़ों में बह रही है। वास्तव में शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा गंगा बेसिन में जल विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी देने पर सवाल खड़ा किया है।
अदालत ने यह टिप्पणी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की जिसमें आरोप लगाया गया कि बिना पर्यावरण का ख्याल रखे हुए पन बिजली परियोजनाओं को हरी झंडी दी जा रही है। याचिका फ्लोरिडा विश्वविद्यालय से पीएचडी धारक भरत झुनझुनवाला सहित अन्य लोगों ने दायर की है।
चीफ जस्टिस टी.एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि गंगा पहले ही से किलोमीटर दर किलोमीटर खंडों में बह रही है। ऐसे में क्या यहां और पनबिजली परियोजनाओं की दरकार है। पीठ ने कहा कि पनबिजली परियोजनाओं का गुण-दोष बहस का मुद्दा है।