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सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

Mon, 10 Dec 2012 11:43 PM IST
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय
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केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र संबंधी सिफारिशों को लागू करने के हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सभी डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की सिफारिश को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्यों पर बाध्यकारी करार देते हुए उन्हें लागू करने का आदेश दिया था।
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चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तराखंड सरकार की ओर से दायर याचिका पर प्रतिपक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब भी तलब किया है। पीठ के समक्ष प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता डीके गर्ग ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार या यूजीसी के निर्देश पर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र नहीं बढ़ाई जा सकती।

अधिवक्ता ने शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के मसले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मार्च 2011 में दिए फैसले में स्पष्ट किया था कि केंद्र का निर्देश राज्य सरकार पर स्वत: लागू नहीं हो सकता।
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इसके बावजूद हाईकोर्ट ने आठ दिसंबर, 2011 को दिए फैसले में राज्य के सभी डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के लिए एक माह का समय दे दिया। हाईकोर्ट ने पंतनगर स्थित गोबिंद बल्लभ पंत विवि के शिक्षक की याचिका पर यह निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने उन सभी शिक्षकों को यह राहत दी जो याचिका दायर करने तक सेवानिवृत्त होने वाले थे।

सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका में उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यूजीसी ने दिसंबर 2008 में डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के वेतनमान बढ़ाने के लिए कहा था। राज्य सरकार ने फरवरी 2009 में इन सिफारिशों को लागू कर दिया। यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों की कमी के मद्देनजर मौजूदा अध्यापकों के रिटायर होने की आयु भी बढ़ाने का निर्देश दिया था। मगर यह निर्देश केंद्र सरकार की ओर से संचालित शिक्षण संस्थाओं के लिए था। हालांकि केंद्र सरकार और यूजीसी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के लिए कहा था।

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने शीर्षस्थ अदालत से कहा है कि पंजाब और उत्तराखंड के अलावा केरल, कर्नाटक, उत्तर-प्रदेश, आंध्र प्रदेश और हरियाणा के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने को लेकर याचिकाएं अदालत में विचाराधीन हैं। संघीय प्रणाली में राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप का यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट से जल्द निपटाने का आग्रह किया गया है।
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